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Shardiya Navratri 2025: किस दिन से शुरू होगा आश्विन का महीना? नोट करें प्रमुख व्रत-त्योहार की सही डेट_我的网站

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一 |     A humanoid robot's dance performance attracts foreign visitors to take pictures during the 2026 World Robot Conference in Beijing, capital of China, Aug. 19, 2026. (Photo: China News Service/Hou Yu)        Themed "Human-Robot Symbiosis, Production-Demand Convergence," the 2026 edition of the conference kicked off here on Wednesday.。

二 |     धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सनातन धर्म में आश्विन महीने का खास महत्व है। इस माह के कृष्ण पक्ष में पितरों का तर्पण, श्राद्ध और पिंडदान किया जाता है। पितृ पक्ष का समापन सर्वपितृ अमावस्या के दिन होता है। आसान शब्दों में कहें तो आश्विन अमावस्या के दिन पितृपक्ष समाप्त होता है।, पितृ पक्ष के अगले दिन से शारदीय नवरात्र की शुरुआत होती है। शारदीय नवरात्र का त्योहार आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से लेकर नवमी तिथि तक मनाया जाता है। इसके अगले दिन दशहरा मनाया जाता है। इस दौरान जगत की देवी मां दुर्गा की पूजा की जाती है। साथ ही उनके निमित्त नवरात्र का व्रत रखा जाता है। आइए जानते हैं कि किस दिन से आश्विन महीने की शुरुआत हो रही है?,वैदिक पंचांग के अनुसार, 07 सितंबर को भाद्रपद पूर्णिमा है। इसके अगले दिन से आश्विन महीने की शुरुआत होगी। आसान शब्दों में कहें तो 08 सितंबर से आश्विन महीना शुरू होगा। आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि से पितरों का तर्पण और पिंडदान किया जाता है। इसके लिए पितृ पक्ष की शुरुआत भी 08 सितंबर से होगी।,पितृ पक्ष 08 सितंबर से लेकर 21 सितंबर तक है। इस दौरान रोजाना पितरों का तर्पण और पिंडदान किया जाएगा। वहीं, 21 सितंबर को सर्वपितृ तर्पण किया जाएगा। पितृ पक्ष के दौरान पितरों का तर्पण और पिंडदान करने से साधक पर पूर्वजों की कृपा बरसती है। ,इस साल 22 सितंबर से शारदीय नवरात्र की शुरुआत हो रही है। वहीं, 02 अक्टूबर को विजयादशमी है। आसान शब्दों में कहें तो 22 सितंबर से लेकर 01 अक्टूबर तक शारदीय नवरात्र है। इसके अगले दिन दशहरा मनाया जाएगा। शारदीय नवरात्र के दौरान जगत की देवी मां दुर्गा की पूजा की जाती है।,आश्विन माह में इंदिरा और पापाकुंशा एकादशी मनाई जाती है। इस साल 17 सितंबर को इंदिरा एकादशी मनाई जाएगी। वहीं, 02 अक्टूबर को दशहरा और पापाकुंशा एकादशी है। इस शुभ अवसर पर जगत के पालनहार भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा की जाएगी। साथ ही लक्ष्मी नारायण जी के निमित्त व्रत रखा जाएगा।   ,यह भी पढ़ें- Shardiya Navratri 2025: पितृ पक्ष से लेकर शारदीय नवरात्र तक, सितंबर महीने में मनाए जाएंगे ये व्रत-त्योहार यह भी पढ़ें- Pitru Paksha 2025: 6 या 7 कब है पितृ पक्ष? एक क्लिक में जानिए सभी जरूरी बातें अस्वीकरण: ''इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है''।

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Published on:07:00:12